
TCS and Marks & Spencer अनुबंध, कंपनी बोली – “Cyberattack से कोई संबंध नहीं”
व्यापार जगत में हलचल मचाने वाली खबर आई है ब्रिटेन की प्रसिद्ध रिटेल कंपनी Marks & Spencer (M&S) और भारत की अग्रणी आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) से जुड़ी। दोनों के बीच लंबे समय से चला आ रहा IT service desk अनुबंध अब समाप्त हो गया है। लेकिन इस समाप्ति को लेकर जो सवाल उठे — क्या यह अप्रैल 2025 में हुए साइबर हमले से जुड़ा था? — उस पर अब TCS ने साफ-साफ जवाब दे दिया है कि यह दोनों घटनाएं “स्पष्ट रूप से असंबंधित (Clearly Unrelated)” हैं।
भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक TCS और ब्रिटिश रिटेल दिग्गज Marks & Spencer का संबंध एक दशक से भी अधिक पुराना रहा है। इस लंबे समय में TCS ने कंपनी के लिए कई तकनीकी सेवाएं प्रदान कीं, जिनमें से एक थी उसका IT service desk संचालन। लेकिन जुलाई 2025 में यह अनुबंध समाप्त कर दिया गया। हालांकि, M&S ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अब भी TCS के साथ अन्य तकनीकी सेवाओं पर काम जारी रखेगी।
Marks & Spencer और TCS के बीच अनुबंध समाप्ति का कारण
Marks & Spencer के अनुसार, IT सेवा अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा था। कंपनी ने जनवरी 2025 में बाजार का परीक्षण शुरू किया था ताकि सबसे उपयुक्त सेवा प्रदाता का चयन किया जा सके। इस प्रक्रिया के बाद, उन्होंने गर्मियों में एक नए प्रदाता को नियुक्त किया। कंपनी का कहना है कि यह परिवर्तन पूरी तरह से व्यावसायिक कारणों पर आधारित था और इसका साइबर हमले या TCS के साथ अन्य साझेदारी से कोई संबंध नहीं है।
Marks & Spencer ने कहा, “TCS हमारे लिए कई तकनीकी सेवाएं प्रदान करती है और हम उनके साथ अपनी साझेदारी को मूल्यवान मानते हैं। IT सेवा अनुबंध के मामले में हमने नियमित प्रक्रिया के तहत नया प्रदाता चुना है, और इसका TCS के साथ हमारे व्यापक संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
दूसरी ओर, TCS ने भी यह स्पष्ट किया कि Marks & Spencer द्वारा अनुबंध समाप्त करने का निर्णय पूरी तरह व्यावसायिक था और अप्रैल के साइबर हमले से “स्पष्ट रूप से असंबंधित” है। कंपनी ने कहा कि यह अनुबंध TCS की कुल सेवाओं का केवल एक छोटा हिस्सा था और बाकी तकनीकी साझेदारी जस की तस जारी रहेगी।

साइबर हमले का मामला: अप्रैल 2025 की घटना
अप्रैल 2025 में, Marks & Spencer को एक बड़े Cyberattack का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण कंपनी को अपने ऑनलाइन ऑर्डर अस्थायी रूप से रोकने पड़े और कई स्टोर्स में शेल्फ खाली रह गए। इस हमले के चलते कंपनी के ऑपरेटिंग मुनाफे में करीब £300 मिलियन की गिरावट आने की संभावना जताई गई थी।
इस घटना के बाद कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि साइबर हमला संभवतः TCS की सेवाओं से जुड़ा था। हालांकि, TCS ने तुरंत आंतरिक जांच शुरू की और जून 2025 में अपनी रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि उसकी किसी भी प्रणाली में कोई उल्लंघन नहीं पाया गया।
कंपनी ने ब्रिटिश सांसदों के प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि उसके नेटवर्क में M&S, Jaguar Land Rover या किसी अन्य ग्राहक के लिए कोई समझौता नहीं हुआ था। TCS ने कहा कि वह ब्रिटेन में 211 ग्राहकों को सेवा प्रदान करती है, जिनमें वित्त, ऊर्जा, जल और परमाणु जैसे संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं, और अब तक किसी भी सुरक्षा उल्लंघन का प्रमाण नहीं मिला है।
गलत रिपोर्ट पर TCS की कड़ी प्रतिक्रिया
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट The Telegraph ने यह दावा किया था कि M&S ने साइबर हमले के बाद TCS के साथ अपने $1 बिलियन के अनुबंध को नवीनीकृत नहीं किया। लेकिन TCS ने इस रिपोर्ट को “भ्रामक और तथ्यहीन” बताते हुए कहा कि IT desk अनुबंध उनके कुल कार्य का केवल एक छोटा सा हिस्सा था, और अन्य प्रोजेक्ट्स M&S के साथ सामान्य रूप से जारी हैं।
TCS के प्रवक्ता ने कहा, “हमारी M&S के साथ साझेदारी मजबूत और दीर्घकालिक है। IT service desk अनुबंध का अंत और साइबर हमला दो अलग-अलग घटनाएँ हैं और इनका आपस में कोई संबंध नहीं है।”
मजबूत साझेदारी जारी रहेगी
हालाँकि IT desk अनुबंध का समापन हो गया है, लेकिन M&S ने यह स्पष्ट किया है कि TCS के साथ उसकी तकनीकी साझेदारी बनी रहेगी। दोनों कंपनियाँ अब भी कई प्रोजेक्ट्स पर साथ काम कर रही हैं, जो M&S के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और तकनीकी दक्षता को और मजबूत बनाएंगे।
यह घटनाक्रम हमें यह याद दिलाता है कि व्यवसायिक संबंधों में पारदर्शिता और संवाद कितना महत्वपूर्ण है। जब दो बड़ी कंपनियाँ परस्पर सम्मान और भरोसे के साथ स्थिति स्पष्ट करती हैं, तो यह उद्योग जगत में एक सकारात्मक संदेश भेजता है।
निष्कर्ष
TCS और Marks & Spencer का विवाद अब शांत हो गया है, क्योंकि दोनों पक्षों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि साइबर हमले और IT अनुबंध समाप्ति के बीच कोई संबंध नहीं है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि गलत सूचनाएँ कितनी जल्दी भ्रम पैदा कर सकती हैं, लेकिन पारदर्शी संवाद और तथ्यों की पुष्टि से सच्चाई सामने आ ही जाती है।
“व्यवसायिक संबंध विश्वास पर टिके होते हैं, और TCS-M&S विवाद की सच्चाई इसी विश्वास की मिसाल है।”
🛈 अस्वीकरण (Disclaimer):
इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक रिपोर्ट्स, मीडिया स्रोतों और कंपनियों के आधिकारिक बयानों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचनात्मक है। किसी भी परिवर्तन या स्पष्टीकरण के लिए आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता दें।





