
सरकार ने घोषित किए Rashtriya Vigyan Puraskar 2025, वैज्ञानिक उपलब्धियों को मिला राष्ट्रीय सम्मान
भारत ने हमेशा से विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में अपनी असाधारण प्रतिभा से विश्व भर में एक विशेष पहचान बनाई है। इसी भावना को सशक्त करने और उन अद्भुत वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा नवाचारकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए, भारत सरकार ने Rashtriya Vigyan Puraskar 2025 की घोषणा की है। यह पुरस्कार उन लोगों को समर्पित है जिन्होंने अपनी सोच, परिश्रम और अनुसंधान से देश को नई दिशा दी है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान देकर विज्ञान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। इस सम्मान का उद्देश्य न केवल प्रतिभाओं को पहचान देना है बल्कि देश के युवाओं को वैज्ञानिक सोच की ओर प्रेरित करना भी है।
Rashtriya Vigyan Puraskar 2025 के चार प्रमुख श्रेणियाँ
राष्ट्र्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 (Rashtriya Vigyan Puraskar 2025) को चार विशिष्ट श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विविध क्षेत्रों में योगदान को दर्शाती हैं।
विज्ञान रत्न (Vigyan Ratna) – यह पुरस्कार जीवनभर के अद्वितीय योगदान और उपलब्धियों को मान्यता देता है। इस वर्ष यह सम्मान प्रो. जयंत विष्णु नार्लीकर (भौतिकी) को मरणोपरांत प्रदान किया गया है। उन्होंने भारतीय खगोल विज्ञान और भौतिकी में अद्भुत कार्य किए थे।
विज्ञान श्री (Vigyan Shri) – इस श्रेणी के अंतर्गत उन वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है। इस वर्ष डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (कृषि विज्ञान), डॉ. युसुफ मोहम्मद सेख (परमाणु ऊर्जा), डॉ. के. थंगराज (जैव विज्ञान), प्रो. प्रदीप थलप्पिल (रसायन विज्ञान), प्रो. अनिरुद्ध भालचंद्र पंडित (इंजीनियरिंग विज्ञान), डॉ. एस. वेंकट मोहन (पर्यावरण विज्ञान), प्रो. महान एमजे (गणित और कंप्यूटर विज्ञान) और जयन एन (अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) को यह पुरस्कार मिला है।
विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर (Vigyan Yuva – SSB) – इस पुरस्कार का उद्देश्य युवा वैज्ञानिकों (45 वर्ष से कम आयु) को प्रोत्साहित करना है जिन्होंने अपने अनुसंधान और नवाचार से देश को गौरवान्वित किया है। 2025 के लिए सम्मानित युवा वैज्ञानिकों में शामिल हैं –
डॉ. जगदीस गुप्ता कपुगंती, डॉ. सतेंद्र कुमार मंगरौतिया, देबर्का सेनगुप्ता, डॉ. दीपा आगाशे, डॉ. दिब्येंदु दास, डॉ. वालीउर रहमान, प्रो. अर्पकप्रवा बसु, प्रो. सब्यसाची मुखर्जी, प्रो. श्वेता प्रेमा अग्रवाल, डॉ. सुरेश कुमार, प्रो. अमित कुमार अग्रवाल, प्रो. सुर्हुद श्रीकांत मोरे, अंकुर गर्ग, और प्रो. मोहनाशंकर शिवप्रकाशम।
विज्ञान टीम (Vigyan Team) – यह पुरस्कार टीमवर्क और सामूहिक नवाचार की भावना को सम्मानित करता है। इस वर्ष सीएसआईआर की टीम – अरोमा मिशन (Aroma Mission CSIR) को कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए चुना गया है। यह टीम किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में सुगंधित पौधों के नवाचार को बढ़ावा देने में अग्रणी रही है।

विज्ञान के 13 प्रमुख क्षेत्र
Rashtriya Vigyan Puraskar 2025 कुल 13 प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में प्रदान किया गया है — भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैव विज्ञान, गणित एवं कंप्यूटर विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान, चिकित्सा, इंजीनियरिंग विज्ञान, कृषि विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान एवं अन्य संबद्ध क्षेत्र।
प्रेरणा और नवाचार का प्रतीक
इन पुरस्कारों की घोषणा न केवल वैज्ञानिक उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी है। यह हमें याद दिलाता है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है—जरूरत है तो केवल उसे पहचानने और प्रोत्साहन देने की। सरकार द्वारा शुरू किया गया यह कदम वैज्ञानिक समुदाय को और अधिक शोध, खोज और नवाचार की दिशा में बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
यह भी गौर करने योग्य है कि Rashtriya Vigyan Puraskar 2025 जैसी पहलें देश को “विज्ञान और नवाचार में आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं। जब देश के वैज्ञानिक और शोधकर्ता नए विचारों और तकनीकी समाधानों पर कार्य करते हैं, तब वे न केवल भारत का भविष्य संवारते हैं बल्कि पूरी मानवता के विकास में योगदान देते हैं।
निष्कर्ष
राष्ट्र्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी भारतीय मस्तिष्कों का उत्सव है जो विज्ञान, तकनीक और नवाचार से देश को सशक्त बना रहे हैं। यह उन स्वप्नदर्शियों के लिए प्रेरणा है जो अपनी जिज्ञासा से नए आयाम खोज रहे हैं।
“विज्ञान वही है जो समाज को नई दिशा दे, और Rashtriya Vigyan Puraskar 2025 उसी भावना का प्रतीक है।”
🛈 अस्वीकरण (Disclaimer):
इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी घोषणा और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचनात्मक है। किसी भी प्रकार की त्रुटि या परिवर्तन की स्थिति में आधिकारिक स्रोतों का संदर्भ लें।





